यह कंपनी के स्वरूप पर निर्भर करता है। साधारण साझेदारी (general partnership) में, अनुबंध में संशोधन केवल साझेदारों की बैठक के उस प्रस्ताव द्वारा किया जा सकता है जो पूँजी के तीन-चौथाई हिस्से के स्वामी साझेदारों के संख्यात्मक बहुमत द्वारा पारित हो, और संशोधन पंजीकरण के माध्यम से प्रभावी होता है (धारा 52)। जिस साझेदार ने संशोधन को स्वीकृति नहीं दी, उसे निकासी का अधिकार (right to withdraw) प्राप्त होता है; कंपनी शेष साझेदारों के बहुमत की सहमति से उसके अधिकारों का मूल्यांकन करती है, और यदि वह उसे स्वीकार नहीं करता, तो उसके अधिकारों का मूल्यांकन धारा 11 के प्रथम अनुच्छेद के अंतर्गत किया जाता है (धारा 52)।
सीमित देयता कंपनी (limited liability company) में, अनुबंध में संशोधन असाधारण साधारण सभा (extraordinary general assembly) का कार्य है (धारा 117)। वह सभा तभी वैध रूप से आयोजित मानी जाती है जब पूँजी के तीन-चौथाई हिस्से के स्वामी साझेदार उपस्थित हों, और उसके प्रस्ताव तभी पारित होते हैं जब पूँजी के तीन-चौथाई हिस्से के स्वामी साझेदारों की स्वीकृति हो (धारा 116)। असाधारण साधारण सभा के प्रस्ताव वाणिज्यिक रजिस्टर में पंजीकरण के माध्यम से प्रभावी होते हैं, और उन्हें किसी सरकारी दस्तावेज़ में दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती (धारा 117)।
यह सामान्य कानूनी जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए सलाह हेतु, कुवैत में लाइसेंस प्राप्त वकील से परामर्श करें।